पाठ योजना | सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा | नृत्य: विश्व
| मुख्य शब्द | आत्म-जागरूकता, आत्म-नियंत्रण, जिम्मेदार निर्णय, सामाजिक कौशल, सामाजिक जागरूकता, विश्व नृत्य, सांस्कृतिक विविधता, कलात्मक अभिव्यक्ति, भावनाएँ, सहानुभूति, भावनात्मक विनियमन, नृत्य इतिहास, गति, ताल, अभिव्यक्ति, RULER, निर्देशित ध्यान, समूह चर्चा |
| संसाधन | वीडियो प्रस्तुत करने के लिए प्रोजेक्टर या टीवी, इंटरनेट सुविधाओं से लैस कंप्यूटर या टैबलेट, विभिन्न सांस्कृतिक नृत्यों के वीडियो की सूची, नोटबुक और पेन (नोट्स लेने के लिए), ध्यान और समूह चर्चा हेतु उपयुक्त स्थान |
| कोड | - |
| कक्षा | कक्षा 7 |
| विषय | **कला ** |
उद्देश्य
अवधि: 15 - 20 मिनट
इस सामाजिक-भावनात्मक पाठ योजना का मकसद है छात्रों को विश्वभर में प्रचलित नृत्यों से परिचित कराना, जिससे वे आत्म-जागरूकता और सामाजिक समझ विकसित कर सकें। विभिन्न सांस्कृतिक और कलात्मक नृत्यों के माध्यम से, छात्र अपनी और दूसरों की भावनाओं को पहचानना सीखेंगे, जिससे उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति और समाज के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि होगी।
उद्देश्य Utama
1. विभिन्न देशों के नृत्यों में छुपी सांस्कृतिक विविधता को समझें और सराहें।
2. नृत्य को एक सजीव कलात्मक अभिव्यक्ति के रूप में देखें, जो भावनाओं और कहानियों को गति के माध्यम से व्यक्त करता है।
परिचय
अवधि: 15 - 20 मिनट
भावनात्मक वार्मअप गतिविधि
शांति की यात्रा
इस चरण में एक निर्देशित ध्यान अभ्यास किया जाएगा, जिसे 'शांति की यात्रा' कहते हैं। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक अपनी मधुर आवाज़ से छात्रों को विश्राम, एकाग्रता और ध्यान की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं। इससे छात्रों में उपस्थिति के साथ-साथ भावनात्मक संतुलन भी मजबूत होता है और वे पाठ के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाते हैं।
1. छात्रों से कहें कि वे अपनी कुर्सियों पर आरामपूर्वक बैठें, पैरों को जमीन से स्पर्श करवाएं और अपने हाथों को जांघों पर रखकर आराम करें।
2. उन्हें अपने नेत्र बंद करके कुछ गहरी साँसें लेने को कहें, नाक से सांस भरें और मुँह से छोड़ें।
3. नरम और शांत स्वर में ध्यान निर्देशित करते हुए कहें कि वे एक ऐसे सुखद और सुरक्षित स्थान की कल्पना करें, जैसे कि एक सुनसान समुद्र तट या फूलों से सजा बाग़।
4. छात्रों को अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहें, पैरों से शुरू कर धीरे-धीरे सिर तक, जिससे हर हिस्से में आराम फैल सके।
5. छात्रों से आग्रह करें कि वे अपनी साँसों पर ध्यान दें, महसूस करें कि कैसे हवा उनके भीतर प्रवेश कर रही है और किस तरह बाहर निकल रही है, तथा किसी भी तनाव या चिंता को साथ छोड़ दें।
6. लगभग 5 मिनट बाद, छात्रों से कहें कि वे धीरे-धीरे उंगलियों और पंजों को हिलाते हुए अपने आस-पास के वातावरण का अनुभव करें।
7. अंत में, ध्यानपूर्वक कहें कि अब आँखें खोलें और एक गहरी सांस लेकर वर्तमान में वापस आ जाएँ।
सामग्री का संदर्भ
दुनिया भर के नृत्य सिर्फ शारीरिक गतिविधि नहीं हैं, बल्कि ये समृद्ध सांस्कृतिक कथाएं और परंपराओं का संगम हैं। जैसे स्पेन का फ्लेमेंको, जो केवल नृत्य नहीं बल्कि जोश और व्यक्त दुःख का अजीब संगम प्रस्तुत करता है, वहीं अफ्रीकी नृत्य जीवन, समुदाय और उत्सव का प्रतीक हैं। इस प्रकार के प्रदर्शन से छात्रों को विभिन्न संस्कृतियों की गहराई समझ में आती है और वे यह सीखते हैं कि कैसे विभिन्न चालों के माध्यम से भावनाओं का अद्भुत प्रदर्शन किया जाता है। यह अभ्यास न केवल शैक्षणिक ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सहानुभूति की भावना भी जगाता है।
विकास
अवधि: 60 - 75 मिनट
सिद्धांत मार्गदर्शिका
अवधि: 20 - 25 मिनट
1. नृत्य: एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति - समझाएं कि नृत्य हर संस्कृति में एक अद्वितीय कला रूप है, जिससे कहानियाँ, उत्सव और भावनाओं को प्रकट किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, स्पेन का फ्लेमेंको जुनून और उदासी का अनूठा मिश्रण है, जबकि अफ्रीकी नृत्य में जीवन का उल्लास और समुदाय की भावना झलकती है।
2. विश्वभर के नृत्यों की विविधता - विभिन्न देशों के नृत्यों का विवरण दें, जैसे कि भारतीय भरतनाट्यम जिसमें चेहरे की भाव अभिव्यक्ति और विस्तृत शारीरिक हाव-भाव शामिल हैं, और आयरिश डांस जो तेज़ कदमों और समन्वय से दर्शाया जाता है।
3. नृत्य के मूल तत्व - नृत्य के मुख्य तत्वों जैसे कि गति, ताल, स्थायित्व और भावनात्मक अभिव्यक्ति पर बात करें। बताएं कि कौन सा तत्व किस प्रकार दर्शकों पर गहरा प्रभाव डालता है।
4. नृत्यों का इतिहास और विकास - बताएं कि कैसे विभिन्न संस्कृतियों में नृत्य का इतिहास क्रमशः विकसित हुआ है, जैसे फ्रांस में बैले का उदय और अमेरिका में हिप हॉप की लोकप्रियता।
5. नृत्य का सामाजिक-भावनात्मक महत्व - चर्चा करें कि नृत्य से आत्म-जागरूकता, आत्म-नियंत्रण और सामाजिक कौशल कैसे विकसित होते हैं। उल्लेख करें कि कभी-कभार नृत्य स्वयं एक प्रकार की चिकित्सा बन जाता है, जिसके द्वारा लोग अपनी भावनात्मक चुनौतियों का सामना कर पाते हैं।
सामाजिक-भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ गतिविधि
अवधि: 30 - 40 मिनट
विश्व नृत्यों का अन्वेषण
इस गतिविधि में, छात्र विभिन्न देशों के नृत्य दिखाने वाले वीडियो को देखेंगे और उनके द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं व कहानियों पर समूह चर्चा करेंगे। यह अभ्यास न केवल भावनाओं की पहचान में सहायक होगा, बल्कि सामाजिक संवाद और जागरूकता को भी बढ़ावा देगा।
1. कक्षा को छोटे-छोटे समूहों में बाँट दें और प्रत्येक समूह को टैबलेट या कंप्यूटर उपलब्ध कराएँ, जिससे इंटरनेट की सुविधा रहे।
2. विभिन्न संस्कृतियों के नृत्य जैसे फ्लेमेंको, भरतनाट्यम, आयरिश डांस, अफ्रीकी डांस, हिप हॉप आदि दिखाने वाले वीडियो की एक सूची उपलब्ध कराएँ।
3. छात्रों को वीडियो देखते समय नर्तकों की चाल, ताल, चेहरे की भाव अभिव्यक्ति और भावनात्मक संकेतों पर ध्यान देकर नोट्स लेने के लिए कहें।
4. वीडियो समाप्त होने के बाद, प्रत्येक समूह से उन भावनाओं पर चर्चा करने को कहें जिन्हें वे महसूस करते हैं और यह भी बताएं कि ये भावनाएँ उसी संस्कृति की परंपरा से कैसे संबंधित हैं।
5. प्रत्येक समूह को अपनी चर्चाओं को एक संक्षिप्त प्रस्तुति के रूप में कक्षा में साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
6. समूह चर्चा के दौरान, छात्रों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने के साथ-साथ अन्य समूहों की समझ और अनुभवों को सुनने के लिए प्रेरित करें।
चर्चा और समूह प्रतिक्रिया
समूह चर्चा के दौरान RULER पद्धति का प्रयोग करें: शुरुआत में छात्रों से पूछें कि किस नृत्य में कौन सी भावना सबसे स्पष्ट दिखाई दी। फिर चर्चा करें कि इन भावनाओं के पीछे के कारण क्या हो सकते हैं, और किस तरह नृत्य की शैली उस भावना को उजागर करती है। अगला कदम, छात्रों को उपयुक्त भावनात्मक शब्दों (जैसे खुशी, उदासी, उत्साह, आशा) का उपयोग करके इन भावनाओं का नामकरण करवाएं। उन्हें अपनी भावनाओं को सकारात्मक ढंग से साझा करने एवं उनसे सीखने के लिए प्रेरित करें। अंत में, नृत्यों को देखकर उत्पन्न हुई भावनाओं पर नियंत्रण रखने की रणनीतियाँ सुझाएं, जिससे खुद पर और दूसरों पर सहानुभूति का विकास हो।
निष्कर्ष
अवधि: 15 - 20 मिनट
प्रतिबिंब और भावनात्मक विनियमन
इस चरण में, छात्रों से आग्रह करें कि वे विश्वभर के नृत्यों के अन्वेषण के दौरान सामने आई चुनौतियों और अनुभवों पर एक संक्षिप्त अनुच्छेद लिखें या समूह चर्चा में अपने विचार साझा करें। उनसे पूछें कि नृत्य देखते व चर्चा करते समय उन्हें कैसा अनुभव हुआ, कौनसी भावनाएँ जागृत हुईं और उन्होंने उन से कैसे निपटा। साथ ही, उनसे यह जानने की कोशिश करें कि किस प्रकार के आत्म-नियंत्रण और सहानुभूति की रणनीतियाँ उन्होंने अपनाईं। अंत में, प्रत्येक छात्र को एक विशेष भावना पर ध्यान देकर बताने को कहें कि उस भावना का प्रबंधन उन्होंने कैसे किया।
उद्देश्य: इस उपधारा का उद्देश्य है छात्रों में आत्म-मूल्यांकन और भावनात्मक विनियमन की क्षमता विकसित करना, जिससे वे चुनौतियों का सामना करना सीखें और अपनी भावनाओं को सकारात्मक तरीके से व्यक्त कर सकें।
भविष्य की झलक
पाठ समापन के दौरान, छात्रों से आग्रह करें कि वे नृत्य और भावनाओं से जुड़े अपने व्यक्तिगत व शैक्षणिक लक्ष्य तय करें। उन्हें सोचा-समझा सुझाव दें कि कैसे वे नृत्यों के माध्यम से सीखे गए सिद्धांतों को अपने रोजमर्रा के जीवन में लागू कर सकते हैं। उदाहरण स्वरूप, वे किसी विशेष संस्कृति के बारे में और जानकारी प्राप्त करने या किसी नृत्य का अभ्यास करने का लक्ष्य रख सकते हैं। साथ ही कक्षा में अपने लक्ष्यों को साझा करने से आपसी प्रेरणा और समर्थन का माहौल बनेगा।
Penetapan उद्देश्य:
1. कक्षा में पढ़ी गई किसी विशिष्ट संस्कृति के बारे में और जानकारी हासिल करें।
2. भावनात्मक अभिव्यक्ति के नए नृत्य रूप का अभ्यास करें।
3. स्कूल या स्थानीय समुदाय में आयोजित नृत्य समारोह में भाग लें।
4. हफ्तावार आधार पर अपनी भावनाओं और उनके प्रबंधन पर चिंतन करें।
5. किसी विशेष नृत्य के इतिहास पर शोध परियोजना तैयार करें। उद्देश्य: इस भाग का उद्देश्य छात्रों में स्वायत्तता और व्यावहारिक ज्ञान के अनुप्रयोग को प्रोत्साहित करना है, जिससे शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास को निरंतरता मिले। स्पष्ट रूप से तय किए गए लक्ष्य उन्हें विषय के गहन अन्वेषण और सामाजिक-भावनात्मक कौशल को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।