पाठ योजना | सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा | काम और प्रौद्योगिकी
| मुख्य शब्द | कार्य और प्रौद्योगिकी, भूगोल, 5वीं कक्षा, आत्म-जागरूकता, आत्म-नियंत्रण, जिम्मेदार निर्णय, सामाजिक कौशल, सामाजिक जागरूकता, RULER विधि, भावनाएं, ऐप आधारित कार्य, नए कार्य स्वरूप, साँस ध्यान, साक्षात्कार, विचार-विमर्श, भावनात्मक नियंत्रण, सहानुभूति, व्यक्तिगत और शैक्षणिक लक्ष्य |
| संसाधन | आरामदायक कुर्सियाँ, शांत कमरा, प्रत्येक छात्र के लिए नोटबुक और पेन, पोस्टर बोर्ड या व्हाइटबोर्ड, मार्कर या रंगीन पेन, घड़ी या टाइमर, नोट्स के लिए कागज की चादरें, साक्षात्कार के लिए प्रश्नों की सूची |
| कोड | - |
| कक्षा | कक्षा 5 |
| विषय | भूगोल |
उद्देश्य
अवधि: (10 - 15 मिनट)
इस सामाजिक-भावनात्मक पाठ योजना का उद्देश्य छात्रों को प्रौद्योगिकी के विकास से उभरते नए कार्य स्वरूपों की पहचान और समझ के लिए तैयार करना है। साथ ही, यह उन्हें इन परिवर्तनों से जुड़ी भावनाओं को समझने, व्यक्त करने तथा नियंत्रित करने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
उद्देश्य Utama
1. देखें कि कैसे प्रौद्योगिकी ने ऐप्स के ज़रिए नए स्वरूप की नौकरियाँ जन्म देकर नौकरी बाज़ार में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
2. कार्यस्थल में तकनीकी परिवर्तनों से उत्पन्न होने वाली विभिन्न भावनाओं को समझें और जानें कि ये श्रमिकों एवं उपभोक्ताओं पर कैसे प्रभाव डालती हैं।
परिचय
अवधि: (15 - 20 मिनट)
भावनात्मक वार्मअप गतिविधि
ध्यानपूर्ण साँस और मानसिक उपस्थिति के लिए अभ्यास
गहरी साँस लेते हुए ध्यान
1. छात्रों से कहें कि वे आराम से अपनी कुर्सियों पर बैठें, पैरों को ज़मीन से मजबूती से टिका कर रखें और हाथों को गोद में सहज छोड़ दें।
2. उन्हें निर्देश दें कि धीरे-धीरे आँखें बंद करें या कमरे के किसी एक निश्चित बिंदु पर अपना ध्यान लगाएं।
3. छात्रों से कहें कि वे नाक के द्वारा गहरी साँस लें, महसूस करें कि हवा उनके फेफड़ों में भर रही है और पेट धीरे-धीरे फुल रहा है।
4. फिर उस साँस को कुछ समय तक रोकें, और मुँह से धीरे-धीरे छोड़ें ताकि फेफड़े पूरी तरह से खाली हो जाएँ।
5. इस प्रक्रिया को 3 से 5 मिनट तक दोहराएं, छात्रों को केवल अपनी साँस पर ध्यान केंद्रित करने और किसी भी अनावश्यक विचार को पीछे रखने के लिए प्रेरित करें।
6. अंत में, धीरे-धीरे आँखें खोलते हुए वापस कमरे में ध्यान लगाएं और अपने साथ एक शांतिपूर्ण अनुभूति लेकर आगे बढ़ें।
सामग्री का संदर्भ
प्रौद्योगिकी के विकास ने नौकरी बाज़ार में अप्रत्याशित बदलाव लाकर नए अवसर और चुनौतियाँ दोनों प्रस्तुत की हैं। आज के समय में ऐप्स के माध्यम से काम करने वाले जैसे कि राइड शेयर ड्राइवर या भोजन वितरण कर्मी, आम हो गए हैं। ये नए कार्य स्वरूप जहां लचीलापन प्रदान करते हैं, वहीं चुनौतियाँ भी उत्पन्न करते हैं, जिससे श्रमिकों और उपभोक्ताओं दोनों को नए तरीके से ढलने की ज़रुरत पड़ती है।
साथ ही, इन परिवर्तनों से उत्पन्न भावनाओं का अनुभव भी महत्वपूर्ण है। उदाहरण के तौर पर, कर्मचारी नई तकनीकों के सामने चिंता या अनिश्चितता महसूस कर सकते हैं, जबकि उपभोक्ता सुविधा की वजह से संतोष का अनुभव करते हैं। इन भावनाओं को समझना और नियंत्रित करना एक स्वस्थ और उत्पादक कार्य वातावरण के निर्माण के लिए आवश्यक है। इस प्रकार, छात्र न केवल कार्य और प्रौद्योगिकी से संबंधित ज्ञान अर्जित करते हैं, बल्कि जीवन के लिए जरूरी सामाजिक-भावनात्मक कौशल भी विकसित करते हैं।
विकास
अवधि: (60 - 75 मिनट)
सिद्धांत मार्गदर्शिका
अवधि: (20 - 25 मिनट)
1. विषय के मुख्य बिंदु:
2. प्रौद्योगिकी का विकास:
3. समझाएं कि कैसे समय के साथ प्रौद्योगिकी में नये नवाचार आते हैं, जो हमारे जीवन और काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल देते हैं। औद्योगिक क्रांति और इंटरनेट के आगमन जैसे ऐतिहासिक उदाहरण यहाँ सहायक हो सकते हैं।
4. नए कार्य स्वरूप:
5. चर्चा करें कि तकनीकी उन्नति किस प्रकार नई नौकरियाँ पैदा करती है। उदाहरण के तौर पर, सॉफ़्टवेयर डेवलपर्स, डेटा विश्लेषक और ऑनलाइन संबंधित पेशे को समझाएं।
6. ऐप आधारित कार्य:
7. बताएं कि कैसे स्मार्टफोन ऐप्स ने राइड शेयर ड्राइवर, भोजन वितरण कर्मी और डिजिटल फ्रीलांसर जैसे कार्य स्वरूपों को जन्म दिया है।
8. सामाजिक-आर्थिक प्रभाव:
9. चर्चा करें कि ये नए कार्य स्वरूप समाज और अर्थव्यवस्था पर कैसे प्रभाव डालते हैं। इनके लाभ (जैसे लचीलापन, नए अवसर) और चुनौतियाँ (जैसे सुरक्षा में कमी, तकनीकी निर्भरता) पर भी विचार करें।
10. उदाहरण एवं उपमाएँ:
11. स्पष्टीकरण के लिए व्यावहारिक उदाहरण और उपमाएँ प्रस्तुत करें, जैसे परंपरागत कार्य प्रवाह की तुलना में ऐप आधारित कार्य में क्या अंतर और समानताएँ हैं।
सामाजिक-भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ गतिविधि
अवधि: (30 - 35 मिनट)
कार्य एवं प्रौद्योगिकी पर साक्षात्कार का आयोजन
इस गतिविधि में छात्रों को समूहों में बाँटकर एक साक्षात्कार आयोजित करने का कार्य दिया जाएगा। एक छात्र साक्षात्कारकर्ता का भूमिका निभाएगा और दूसरा एक तकनीकी का उपयोग करने वाला कार्यकर्ता (जैसे कि राइड शेयर ड्राइवर या भोजन वितरण कर्मी) होगा। इसका उद्देश्य कार्यस्थल में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से जुड़ी भावनाओं और अनुभवों की खोज करना है।
1. छात्रों को जोड़ों में विभाजित करें।
2. प्रत्येक जोड़ी को ऐसा कार्य संदर्भ चुनना होगा जिसमें प्रौद्योगिकी का उपयोग होता हो (जैसे कि राइड शेयर ड्राइवर, भोजन वितरण कर्मी, या डिजिटल फ्रीलांसर)।
3. एक छात्र साक्षात्कारकर्ता की भूमिका निभाएगा जबकि दूसरा कार्यकर्ता का किरदार निभाएगा।
4. साक्षात्कारकर्ता से कार्य की दिनचर्या, चुनौतियों और कार्यकर्ता द्वारा अनुभव की गई भावनाओं के बारे में प्रश्न पूछने का निर्देश दें।
5. 10 मिनट के पश्चात्, दोनों भूमिका बदलें और साक्षात्कार दोहराएं।
6. साक्षात्कार के दौरान प्रमुख भावनाओं और अनुभवों को नोट करने के लिए कहना न भूलें।
चर्चा और समूह प्रतिक्रिया
साक्षात्कार समाप्त होने के बाद, सभी छात्रों को समूह चर्चा के लिए वृत्त में बैठा दें। इस चर्चा के मार्गदर्शन के लिए RULER विधि का उपयोग करें:
पहचानें: छात्रों को साक्षात्कार के दौरान अनुभव की गई भावनाओं को साझा करने के लिए कहें।
समझें: इन भावनाओं के मूल कारणों पर चर्चा करें, जैसे कार्य की दिनचर्या में किस बात से चिंता या संतोष होता है?
नामकरण करें: सही तरीके से भावनाओं के लिए उपयुक्त शब्दों का चयन करने में छात्रों का मार्गदर्शन करें, जैसे 'उदासी', 'उत्साह', 'चिंता' आदि।
प्रकट करें: छात्रों को इन भावनाओं को रचनात्मक एवं स्पष्ट तरीके से व्यक्त करने के उपाय सुझाएँ।
नियंत्रण करें: इन भावनाओं को नियंत्रित करने के विविध तरीकों पर चर्चा करें, जैसे गहरी साँस लेना, छोटे-छोटे ब्रेक लेना और सामाजिक समर्थन प्राप्त करना।
निष्कर्ष
अवधि: (20 - 25 मिनट)
प्रतिबिंब और भावनात्मक विनियमन
छात्रों को आमंत्रित करें कि वे पाठ के दौरान सामने आई चुनौतियों पर विचार लिखें, विशेषकर साक्षात्कार गतिविधि के दौरान। उनसे पूछें कि किन भावनाओं का अनुभव हुआ, उन्होंने उनका प्रबंधन कैसे किया, और नियंत्रण के लिए कौन सी रणनीतियाँ अपनाईं। वैकल्पिक रूप से, एक समूह चर्चा आयोजित करें जहाँ छात्र अपने अनुभव साझा करें और दूसरों के विचार सुनें।
उद्देश्य: इस गतिविधि का उद्देश्य आत्म-मूल्यांकन और भावनात्मक नियंत्रण में सुधार करना है। अपने अनुभव और भावनाओं पर विचार करके, छात्र चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियाँ विकसित कर सकते हैं, जिससे आत्म-जागरूकता और आत्म-नियंत्रण में वृद्धि होगी। साथ ही, इससे सहानुभूति और परस्पर समझ भी बढ़ती है।
भविष्य की झलक
छात्रों से आग्रह करें कि वे पाठ से संबंधित व्यक्तिगत और शैक्षणिक लक्ष्य तय करें। समझाएं कि ये लक्ष्य नए कार्य स्वरूपों और प्रौद्योगिकी के संदर्भ में अपने ज्ञान को गहरा करने, सहानुभूति तथा भावनात्मक नियंत्रण जैसे कौशलों का अभ्यास करने, या अपने दैनिक जीवन में सीख को लागू करने में मदद करेंगे। उन्हें अपनी नोटबुक में इन लक्ष्यों को लिखने और यदि संभव हो तो कक्षा में साझा करने के लिए प्रेरित करें।
Penetapan उद्देश्य:
1. नए कार्य स्वरूपों और प्रौद्योगिकी से संबंधित ज्ञान को विस्तृत करना।
2. सहानुभूति और भावनात्मक नियंत्रण जैसे सामाजिक-भावनात्मक कौशल विकसित करना।
3. प्रौद्योगिकी और कार्य से जुड़ी सीख को रोजमर्रा की जिंदगी में उतारना।
4. भावनाओं की पहचान और उचित नामकरण की क्षमता बढ़ाना।
5. चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्पष्ट एवं सहानुभूतिपूर्ण संवाद को प्रोत्साहित करना। उद्देश्य: इस भाग का उद्देश्य छात्रों में स्व-निर्भरता और अपने ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग को सुदृढ़ करना है। व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारित करके, उन्हें कक्षा के बाहर भी अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे निरंतर शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास संभव हो सके।