पाठ योजना | सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा | कला पेशेवर
| मुख्य शब्द | कला पेशे, नौकरी बाजार, सामाजिक-भावनात्मक कौशल, आत्म-ज्ञान, आत्म-नियंत्रण, जिम्मेदार निर्णय, सामाजिक कौशल, सामाजिक जागरूकता, RULER विधि, माइंडफुलनेस, टीमवर्क, प्रस्तुतियाँ, विचार, भावनात्मक प्रबंधन |
| संसाधन | कंप्यूटर या टैबलेट (इंटरनेट एक्सेस के साथ), कलात्मक पेशों से संबंधित पुस्तकें और संदर्भ सामग्री, नोट्स के लिए कागज और पेन, प्रस्तुतियों के लिए सामग्री (पोस्टर बोर्ड, मार्कर आदि), प्रोजेक्टर या डिजिटल व्हाइटबोर्ड, विचार लेखन हेतु कागज |
| कोड | - |
| कक्षा | कक्षा 6 |
| विषय | **कला ** |
उद्देश्य
अवधि: 10 से 15 मिनट
इस भाग का उद्देश्य छात्रों को कला के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न पेशों और उनसे जुड़े नौकरी बाजार का संक्षिप्त परिचय प्रदान करना है। इससे वे यह जान पाएँगे कि कैसे कलाकार अपने कार्य के माध्यम से भावनाओं और कहानियों को व्यक्त करते हैं, साथ ही सामाजिक-भावनात्मक कौशलों का महत्व भी समझेंगे।
उद्देश्य Utama
1. कलात्मक क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न पेशों और उनके विशेषताओं को पहचानना।
2. कलात्मक सामग्री निर्माताओं के लिए नौकरी बाजार की बारीकियों और अवसरों को समझना।
परिचय
अवधि: 15 से 20 मिनट
भावनात्मक वार्मअप गतिविधि
माइंडफुलनेस पल: सृजनशीलता के लिए मन को तरोताजा करना
माइंडफुलनेस का अभ्यास अर्थात वर्तमान में पूरी तरह से उपस्थित रहना, जिससे मन की शांति और एकाग्रता में वृद्धि होती है। कक्षा की शुरुआत में यह छोटा ध्यान सेशन छात्रों को तनावमुक्त होकर सीखने के लिए तैयार करता है।
1. शांत वातावरण चुनें: छात्रों से कहें कि वे आराम से अपनी कुर्सी पर बैठें, दोनों पैरों को मज़बूती से फर्श पर टिकाएं और अपने हाथों को गोद में रखें।
2. आंखें बंद करें: उन्हें निर्देश दें कि वे अपनी आंखें बंद करें या नजरों को एक स्थिर बिंदु पर केंद्रित रखें।
3. सांस पर ध्यान दें: छात्रों से कहें कि वे गहरी, धीरे-धीरे साँस लें, महसूस करें कि हवा उनके नाक से आती है और मुँह से बाहर जाती है।
4. शारीरिक जागरूकता: अपने शरीर में किसी भी क्षेत्र में मौजूद तनाव या असुविधा पर ध्यान दें और उसे धीरे-धीरे कम करने का प्रयास करें।
5. विचार और भावनाएँ: आने वाले विचारों और भावनाओं को बिना किसी निर्णायक टिप्पणी के देखने को कहें। अगर मन भटक जाए, तो धीरे से साँस पर ध्यान केंद्रित करें।
6. समय: इस अभ्यास को लगभग 5 मिनट तक करें।
7. सत्र का समापन: अंत में छात्रों से धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलने और कमरे की ओर वापस ध्यान देने को कहें।
सामग्री का संदर्भ
🎨 कला हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है – चाहे वह संगीत हो, फिल्में या पेंटिंग्स – हर रूप में हमें प्रेरणा और आनंद मिलता है। प्रत्येक कला रूप के पीछे मेहनती और समर्पित कलाकार होते हैं, जो अपनी रचनाओं से भावनाओं को जगाने और कहानियाँ सुनाने का काम करते हैं।
💡 जब हम इन पेशों को समझते हैं, तो हमें यह भी एहसास होता है कि कला हमारे दिलों और समाज पर गहरा प्रभाव डालती है। यह पाठ न केवल इन पेशों को उजागर करेगा, बल्कि साथ ही छात्रों को उन सामाजिक-भावनात्मक कौशलों से भी परिचित कराएगा, जैसे सहानुभूति और आत्म-नियमन, जो कला निर्माण में महत्वपूर्ण हैं।
विकास
अवधि: 60 से 75 मिनट
सिद्धांत मार्गदर्शिका
अवधि: 20 से 25 मिनट
1. कला के पेशे
2. चित्रकार: चित्रकार कैनवास, दीवार या अन्य सतहों पर अपनी रचनात्मकता को उतारते हैं। वे विभिन्न रंगों और तकनीकों के साथ काम करके अपनी कल्पना को जीवंत करते हैं।
3. मूर्तिकार: मूर्तिकार पत्थर, धातु, लकड़ी या मिट्टी से त्रि-आयामी कलाकृतियाँ बनाते हैं, जिन्हें वे यथार्थवादी या अमूर्त अंदाज में उकेरते हैं।
4. संगीतकार: संगीतकार विभिन्न वाद्य यंत्र बजाते हैं, संगीत कंपोज करते हैं और लाइव या स्टूडियो में प्रदर्शन करते हैं। वे विभिन्न संगीत शैलियों में माहिर होते हैं।
5. अभिनेता/अभिनेत्री: ये पेशेवर थिएटर, फिल्म या टीवी पर पात्रों का अभिनय करके कहानियों और भावनाओं को जीवंत करते हैं।
6. फिल्म निर्देशक: फिल्म निर्देशक फिल्मों और वीडियो के निर्माण की देखरेख करते हैं, जिनमें अभिनेताओं और तकनीकी टीम का समन्वय शामिल होता है, ताकि रचनात्मक दृष्टि को वास्तविकता में बदला जा सके।
7. नृत्य निर्देशक: नृत्य निर्देशक प्रदर्शन के लिए नृत्य के आंदोलनों को तैयार और सिखाते हैं, चाहे वह बैले हो, संगीत थिएटर या अन्य नृत्य कार्यक्रम।
8. ग्राफिक डिज़ाइनर: डिज़ाइनरों का काम लोगो, बैनर, पैकेजिंग और डिजिटल सामग्री तैयार करना होता है, जो कंपनियों या एजेंसियों के लिए काम में आते हैं।
9. फोटोग्राफर: फोटोग्राफर डिजिटल या पारंपरिक कैमरों का उपयोग करके अद्भुत छवियाँ कैप्चर करते हैं और विभिन्न क्षेत्रों जैसे फैशन, इवेंट, प्रकृति या फोटो पत्रकारिता में माहिर होते हैं।
10. लेखक: लेखक उपन्यास, कहानियाँ, कविता या पटकथाएँ लिखते हैं और ये स्वतंत्र या प्रकाशनों, पत्रिकाओं तथा फिल्म स्टूडियोज़ के लिए काम कर सकते हैं।
11. डिजिटल सामग्री निर्माता: सोशल मीडिया, ब्लॉग या वीडियो चैनलों के लिए सामग्री का निर्माण और प्रबंधन करते हैं, जिसमें निर्माण, संपादन और डिजिटल मार्केटिंग कौशल शामिल हैं।
सामाजिक-भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ गतिविधि
अवधि: 35 से 40 मिनट
कलात्मक पेशों की खोज
छात्रों को 3-4 के समूहों में बांटकर प्रत्येक समूह को एक कला पेशा आवंटित किया जाएगा। उन्हें निर्धारित पेशे के बारे में जानकारी एकत्र करके एक लघु प्रस्तुति तैयार करनी होगी, जिसमें पेशे का सार, आवश्यक कौशल, संभावित चुनौतियाँ और कुछ प्रसिद्ध उदाहरण शामिल हों।
1. कक्षा को समूहों में बाँटें: 3 से 4 छात्रों के समूह बनाएं।
2. पेशा आवंटित करें: प्रत्येक समूह को एक विशेष कला पेशा दें, जिस पर वे शोध करेंगे।
3. सूचनाएँ इकट्ठा करें: पुस्तकों, इंटरनेट और अन्य विश्वसनीय स्रोतों की मदद से जानकारी प्राप्त करें।
4. प्रस्तुति तैयार करें: प्रस्तुति में निम्नलिखित शामिल करें:
5. - पेशे का सारांश
6. - आवश्यक कौशल
7. - आम चुनौतियाँ
8. - प्रसिद्ध पेशेवरों के उदाहरण
9. प्रस्तुति दें: प्रत्येक समूह को 5 मिनट में अपनी प्रस्तुति कक्षा के सामने देने के लिए कहें।
10. चर्चा करें: सभी प्रस्तुतियों के बाद, समूहों में समानताओं और विभिन्नताओं पर खुली चर्चा करें।
चर्चा और समूह प्रतिक्रिया
प्रस्तुतियों के बाद RULER विधि (पहचान, समझ, लेबल, व्यक्त, नियंत्रित) का उपयोग करते हुए चर्चा का नेतृत्व करें। पहले छात्रों से पूछें कि उन्हें शोध और प्रस्तुति देते समय कैसा अनुभव हुआ। फिर, उनके भावनात्मक अनुभवों, चुनौतियों और खोजों पर प्रकाश डालें, उचित लेबलिंग में मदद करें, और बातचीत में टीमवर्क के महत्व को उजागर करें। अंततः, छात्रों को समूह में संतुलन, आत्म-नियंत्रण और सहानुभूति के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।
निष्कर्ष
अवधि: 15 से 20 मिनट
प्रतिबिंब और भावनात्मक विनियमन
छात्रों को सुझाव दें कि वे कला पेशों के बारे में किए गए शोध और प्रस्तुति के दौरान आई चुनौतियों पर संक्षिप्त रूप से विचार लिखें। पूछें कि समूह में काम करते समय किस प्रकार की भावनाएँ उठीं, किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उन्होंने इनसे कैसे निपटा। वैकल्पिक रूप से, एक समूह चर्चा आयोजित करें जिसमें प्रत्येक छात्र अपने अनुभव साझा करे, जिससे सुनने और सहानुभूति का माहौल बन सके।
उद्देश्य: इस उपखंड का उद्देश्य आत्म-ज्ञान, नियंत्रित भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रभावी रणनीतियाँ विकसित करना है।
भविष्य की झलक
पाठ समापन के लिए, छात्रों से कहें कि वे कक्षा में चर्चा की गई विषयों के आधार पर व्यक्तिगत और शैक्षणिक लक्ष्य तय करें। इनमें संचार कौशल, टीम वर्क या किसी विशेष कला कौशल में माहिरता हासिल करना शामिल हो सकता है। उन्हें इन लक्ष्यों को लिखकर और प्राप्त करने के ठोस कदमों पर विचार करने के लिए प्रेरित करें।
Penetapan उद्देश्य:
1. प्रस्तुति के दौरान संचार कौशल में निखार लाएँ।
2. सहपाठियों और कलाकारों की भावनाओं को समझकर सहानुभूति विकसित करें।
3. टीमवर्क और सहयोग की भावना को मज़बूत करें।
4. अपने रुचिकर कला पेशे की गहराई से जानकारी प्राप्त करें।
5. किसी विशेष कला कौशल, जैसे ड्राइंग या संगीत, का अभ्यास करें। उद्देश्य: इस भाग का उद्देश्य छात्रों की स्वायत्तता को प्रोत्साहित करना और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करना है, जिससे वे शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत दोनों क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर सकें।