पाठ योजना | सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा | वीडियो और फोटोग्राफी
| मुख्य शब्द | स्व-जागरूकता, स्व-विनियमन, जिम्मेदार निर्णय, सामाजिक कौशल, सामाजिक जागरूकता, वीडियो, फोटोग्राफी, दृश्य संरचना, भावनाएँ, RULER, मार्गदर्शित ध्यान, प्रकाश व्यवस्था, कैमरा एंगल्स, रंग, सेटिंग्स, दृश्य कथा, विचार, भावनात्मक विनियमन |
| संसाधन | आरामदायक कुर्सियाँ, मोबाइल या कैमरा, वीडियो संपादन के लिए कंप्यूटर या टैबलेट, प्रोजेक्टर या टीवी, विचार संवाद हेतु पत्रिका, पेन या पेन्सिल, दृश्य समर्थन सामग्री (स्लाइड्स, फोटोग्राफी और वीडियो के उदाहरण) |
| कोड | - |
| कक्षा | कक्षा 6 |
| विषय | **कला ** |
उद्देश्य
अवधि: (10 - 15 मिनट)
इस चरण का उद्देश्य छात्रों में पाठ के विषय का मूल परिचय देना है। यहाँ वे सीखेंगे कि कैसे ऑडियोविज़ुअल कार्यों की दृश्य संरचना और भावनात्मक प्रभाव का विश्लेषण किया जा सकता है। इससे उनकी आत्म-जागरूकता, सामाजिक समझ और भावनाओं की पहचान में भी मदद मिलेगी।
उद्देश्य Utama
1. ऑडियोविज़ुअल परियोजनाओं में दृश्य निर्माण का विश्लेषण करें और वर्णन करें, जिससे वीडियो और फोटोग्राफी की रचना पर ध्यान केंद्रित हो सके।
2. फिल्म दृश्यों और फोटोग्राफी में विभिन्न दृश्य तत्वों के माध्यम से छिपे भावों को पहचानने और समझने की क्षमता विकसित करना।
परिचय
अवधि: (20 - 25 मिनट)
भावनात्मक वार्मअप गतिविधि
आंतरिक शांति की यात्रा
यह मार्गदर्शित ध्यान की गतिविधि छात्रों को अपने भीतर झांकने और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए डिजाइन की गई है। इसमें छात्रों को आँखें बंद करके, अपनी सांसों और शरीर के हर हिस्से को महसूस करने का निर्देश दिया जाएगा, जिससे वे एक शांत और केंद्रित वातावरण का अनुभव कर सकें। यह अभ्यास उनकी चिंता कम करने और सीखने के लिए तैयार होने में सहायक सिद्ध होता है।
1. छात्रों को अपनी कुर्सियों पर आराम से बैठने को कहें, पीठ सीधी रखें और पैरों को फर्श पर स्थायी रूप से टिकाएं।
2. समझाएं कि वे एक संक्षिप्त ध्यान सत्र में भाग लेंगे जिसमें उन्हें वर्तमान क्षण में उपस्थित रहना है।
3. छात्रों से कहें कि अपनी आँखें बंद करें और अपनी सांसों पर ध्यान दें – नाक से गहरी साँस लें और धीरे-धीरे मुँह से बाहर छोड़ें।
4. उन्हें तीन गहरी साँस लेने के निर्देश दें, जिससे पूरे फेफड़ों में हवा भर जाए और धीरे-धीरे बाहर जाए।
5. छात्रों को एक शांत और सुरम्य स्थान, जैसे समुद्र तट, फूलों से सजा बाग़ या शांत जंगल की कल्पना करने का निर्देश दें।
6. धीरे-धीरे उस स्थान का वर्णन करें – लहरों की मधुर आवाज, चिड़ियों की चहचहाहट या फूलों की खुशबू आदि शामिल करें।
7. छात्रों से कहें कि वे स्वयं को उस स्थान पर कल्पना करें, जहाँ वे पूर्ण शांति का अनुभव कर रहे हों।
8. कुछ पल मौन रहकर उस शांति का अनुभव करें।
9. कुछ मिनटों के बाद, धीरे-धीरे छात्रों को अपनी उंगलियाँ और पैर हिलाने का निर्देश दें ताकि वे धीरे-धीरे कक्षा में वापसी महसूस करें।
10. अंत में, छात्रों से अपनी अनुभव की संक्षिप्त रूपरेखा साझा करने के लिए कहें।
सामग्री का संदर्भ
फोटोग्राफी और वीडियो केवल चित्र कैद करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि कहानियां बयां करने और भावनाओं को उजागर करने का एक तरीका हैं। जब हम किसी फिल्म या तस्वीर को देखते हैं, तो हम एक अलग दुनिया में खो जाते हैं, तथा वे भावनाएँ महसूस करते हैं जो कलाकार ने अपने दिल से उकेरी होती हैं। उदाहरण के लिए, सोचिए कि किसी फिल्म का एक दृश्य आपको हँसा, रुला या डर से भर देता है। ये भावनाएँ निर्देशक और फोटोग्राफर द्वारा दृश्य संरचना, प्रकाश व्यवस्था और कैमरा कोणों के माध्यम से समझदारी से रच दी जाती हैं। इसे समझकर हम न केवल बेहतर कलाकार बनते हैं, बल्कि अपनी तथा दूसरों की भावनाओं को भी बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
विकास
अवधि: (60 - 75 मिनट)
सिद्धांत मार्गदर्शिका
अवधि: (20 - 25 मिनट)
1. दृश्य संरचना: समझाएं कि कैसे एक चित्र या वीडियो के भीतर विभिन्न तत्वों को सुव्यवस्थित किया जाता है – जैसे व्यक्ति, वस्तुएँ, प्रकाश और छाया। उदाहरण: थर्ड्स का नियम, समानुपातिक रेखाएँ, अग्रगामी रेखाएँ।
2. प्रकाश व्यवस्था: बताएं कि कैसे प्रकाश दृश्य में भावनाओं को प्रभावित कर सकता है। हल्का और मुलायम प्रकाश शांति का अहसास देता है, जबकि तेज प्रकाश तनाव या अन्य मूड उत्पन्न कर सकता है। उदाहरण: प्राकृतिक प्रकाश, बैकलाइटिंग, फ्रंट लाइटिंग।
3. कैमरा एंगल्स: यह समझाएं कि अलग-अलग कोण से शूट करने पर दृश्य का प्रभाव कैसे बदल सकता है। नीचले एंगल से विषय प्रभावशाली दिखाया जा सकता है, जबकि ऊपरी एंगल से वह कमजोर प्रतीत हो सकता है। उदाहरण: वाइड शॉट, मीडियम शॉट, क्लोज-अप।
4. रंग: चर्चा करें कि किस प्रकार के रंग अलग-अलग भावनाओं का संचार करते हैं। गर्म रंग जैसे लाल और पीला ऊर्जा एवं उत्साह जगाते हैं, वहीं ठंडे रंग जैसे नीला और हरा शांति या विरह का संदेश देते हैं।
5. प्रसंग और सेटिंग: समझाएं कि किस प्रकार का पर्यावरण और पृष्ठभूमि कहानी का प्रभाव बढ़ा देता है। एक उपयुक्त सेटिंग कहानी को और भी जीवंत बना सकती है। उदाहरण: घर के अंदर का साज-सज्जा, बाहरी प्राकृतिक दृश्य।
6. कथात्मक तत्व: यह बताएं कि बिना शब्दों के भी दृश्य के माध्यम से कहानी कैसे बयां की जा सकती है। उदाहरण: स्टोरीबोर्ड और तस्वीरों का क्रम।
सामाजिक-भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ गतिविधि
अवधि: (30 - 35 मिनट)
कैमरे के जादू से भावनाओं को कैद करना
इस गतिविधि में छात्रों को छोटे समूहों में बाँटा जाएगा। प्रत्येक समूह को एक विशिष्ट भावना (जैसे खुशी, दुःख, डर या आश्चर्य) सौंपकर उनसे उस भावना को अपने द्वारा तैयार किए गए चित्र या वीडियो में उजागर करने के लिए कहा जाएगा। छात्रों को इस दौरान दृश्य संरचना, प्रकाश, कैमरा एंगल्स और रंगों का उपयोग करते हुए अपनी क्रिएटिविटी का परिचय देना होगा।
1. छात्रों को 4-5 के समूह में बाँटें।
2. प्रत्येक समूह को एक विशेष भावना सौंपें जिसे वे अपने कार्य में प्रदर्शित करेंगे।
3. प्रत्येक समूह को फोटोग्राफी या वीडियो बनाने के लिए मोबाइल या कैमरा उपलब्ध कराएं।
4. छात्रों से कहें कि वे अपने काम की योजना बनाएं, जिसमें हमने कक्षा में सीखे गए सिद्धांत – दृश्य संरचना, प्रकाश व्यवस्था, कैमरा एंगल्स, रंग और सेटिंग – शामिल हों।
5. छात्रों को 30 मिनट का समय दें ताकि वे अपने चित्र या वीडियो को कैप्चर कर सकें।
6. कैप्चर के बाद, समूहों से सर्वश्रेष्ठ काम चुनकर कक्षा में प्रस्तुत करने को कहें।
7. प्रत्येक समूह को 5 मिनट का समय दें, जिसमें वे बताएँ कि कैसे उन्होंने सौंपे गए भावना को व्यक्त करने के लिए संबंधित सिद्धांतों का उपयोग किया।
चर्चा और समूह प्रतिक्रिया
प्रस्तुतियों के बाद कक्षा में चर्चा करें। RULER विधि अपनाएं – पहले, प्रत्येक समूह द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं की पहचान करें, फिर यह समझें कि किस कारण वे भावनाएँ उत्पन्न हुईं। उचित शब्दावली के साथ लेबल लगाएं और अंत में यह चर्चा करें कि दृश्य तत्वों ने कैसे भावनात्मक अनुभव को आकार दिया।
निष्कर्ष
अवधि: (15 - 20 मिनट)
प्रतिबिंब और भावनात्मक विनियमन
कक्षा में हुई चुनौती और छात्र अपनी भावनाओं को कैसे प्रबंधित कर रहे हैं, इस पर विचार करें। छात्रों से कहें कि वे फोटोग्राफी या वीडियो गतिविधि के दौरान महसूस हुई किसी गहरी भावना वाले पल पर एक पैराग्राफ लिखें, जिसमें उस स्थिति का वर्णन, अपनी प्रतिक्रिया और उस भावना से निपटने की अपनाई गई रणनीतियाँ शामिल हों। वैकल्पिक रूप से, समूह चर्चा के माध्यम से भी अपने अनुभव साझा करें।
उद्देश्य: इस भाग का मकसद छात्रों में आत्म-मूल्यांकन की क्षमता को बढ़ावा देना है, जिससे वे स्वयं की भावनाओं को समझें और नियंत्रित करना सीखें।
भविष्य की झलक
अंत में, छात्रों से कहा जाए कि वे पाठ से प्रेरणा लेकर व्यक्तिगत एवं शैक्षिक SMART (विशिष्ट, मापनीय, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक एवं समयबद्ध) लक्ष्यों की स्थापना करें। उदाहरण के तौर पर, व्यक्तिगत लक्ष्य 'टीम में सहयोग कौशल को बढ़ाना' और शैक्षिक लक्ष्य 'अंतिम फोटोग्राफी परियोजना में दृश्य संरचना का सही उपयोग करना' रखा जा सकता है।
Penetapan उद्देश्य:
1. टीम वर्क में सुधार लाना
2. अंतिम फोटोग्राफी प्रोजेक्ट में दृश्य संरचना के सिद्धांतों का उपयोग
3. कला के माध्यम से भावनाओं को पहचानना और व्यक्त करना
4. तनावपूर्ण समय में भावनात्मक नियंत्रण अपनाना
5. विभिन्न दृश्य तत्वों के प्रभाव को समझना उद्देश्य: इस चरण का उद्देश्य छात्रों की स्व-निर्णायक क्षमता को मजबूत करना और ऐसे स्पष्ट, मापनीय लक्ष्य निर्धारित करना है जो शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में सहायक हों। ऐसे लक्ष्य तय करके, छात्र ऑडियोविज़ुअल कला तथा भावनात्मक बुद्धिमत्ता में निरंतर प्रगति कर सकते हैं।