पाठ योजना | सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा | सर्वनाम: प्रतिबिंबित
| मुख्य शब्द | परावर्ती सर्वनाम, अंग्रेज़ी, सामाजिक-भावनात्मक, आत्म-जागरूकता, आत्म-नियमन, जिम्मेदार निर्णय लेना, सामाजिक कौशल, सामाजिक जागरूकता, RULER, माइंडफुलनेस, सहानुभूति, भावनात्मक नियंत्रण |
| संसाधन | सफेद बोर्ड और मार्कर, कागज की चादरें, पेन या पेंसिल, कंप्यूटर या टैबलेट (वैकल्पिक), अंग्रेज़ी पाठ में परावर्ती सर्वनामों का विश्लेषण, गतिविधियों के लिए घड़ी या टाइमर |
| कोड | - |
| कक्षा | कक्षा 12 |
| विषय | अंग्रेज़ी |
उद्देश्य
अवधि: 10 से 15 मिनट
इस सामाजिक-भावनात्मक पाठ योजना का उद्देश्य अंग्रेज़ी में परावर्ती सर्वनामों की समझ को मजबूत करना है, जहां भाषा कौशल के साथ-साथ भावनात्मक जागरूकता और आत्म-नियमन को भी विकसित किया जाता है। स्पष्ट रूप से निर्धारित उद्देश्यों के जरिए, छात्र न केवल विषय की महत्वपूर्णताओं को समझेंगे बल्कि सामग्री से भावनात्मक रूप से जुड़ भी पाएंगे, जिससे सीखने का अनुभव और अधिक गहरा और सार्थक बन सके।
उद्देश्य Utama
1. अंग्रेज़ी में परावर्ती सर्वनामों की पहचान करना और इन्हें विभिन्न संदर्भों में सही ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करना।
2. व्यावहारिक गतिविधियों के दौरान परावर्ती सर्वनामों का उपयोग करते हुए अपने-आप की भावनाओं पर चिंतन करने के माध्यम से आत्म-जागरूकता को बढ़ाना।
3. समूह चर्चा में सहपाठियों की भावनाओं को समझकर सामाजिक जागरूकता और सहानुभूति को प्रोत्साहित करना।
परिचय
अवधि: 15 से 20 मिनट
भावनात्मक वार्मअप गतिविधि
माइंडफुलनेस: वर्तमान क्षण पर ध्यान देना
माइंडफुलनेस प्रैक्टिस एक ऐसी तकनीक है जिसमें वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करना, अपनी भावनाओं और विचारों को बिना किसी पूर्वाग्रह के स्वीकार करना शामिल है। यह गतिविधि छात्रों को अपनी भावनाओं के प्रति सजग बनाने और अपनी प्रतिक्रियाओं को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में सहायक होती है।
1. छात्रों को कहें कि वे अपनी कुर्सियों पर आराम से बैठें, पैर जमीन पर रखें और हाथ जाँघों पर आराम से रखें।
2. उन्हें धीरे-धीरे अपनी आँखें बंद करने और अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहें, अपने शरीर में आने-जाने वाली हवा को महसूस करें।
3. निर्देश दें कि वे नाक से गहरी साँस लें, कुछ सेकंड के लिए रोकें और फिर मुँह से धीरे-धीरे साँस छोड़ें।
4. इस प्रक्रिया के दौरान छात्र जो भी विचार या भावनाएं आएं, उन्हें बिना किसी निर्णय के बस नोट करें और जाने दें।
5. कुछ मिनटों बाद, छात्रों से धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलने और कक्षा में वापस ध्यान केंद्रित करने को कहें, और पूछें कि वे इस गतिविधि के बाद कैसा महसूस कर रहे हैं।
सामग्री का संदर्भ
परावर्ती सर्वनाम वाक्यों में उस क्रिया को दर्शाने के लिए प्रयोग होते हैं जो विषय (subject) पर ही होती है। अक्सर हम इन्हें अपनी क्रियाओं या भावनाओं को स्पष्ट करने के लिए उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, 'मैंने खुद को गिटार बजाना सिखाया' में हमारी स्वावलंबी क्रिया और व्यक्तिगत उपलब्धि की झलक मिलती है।
परावर्ती सर्वनामों का अभ्यास करने से, छात्र न केवल अपनी अंग्रेज़ी भाषा को बेहतर बनाते हैं, बल्कि आत्म-जागरूकता और आत्म-नियमन भी सीखते हैं। इससे वे अपने कार्यों एवं भावनाओं पर विचार करते हुए, स्वयं और दूसरों को बेहतर समझ पाते हैं।
विकास
अवधि: 60 से 75 मिनट
सिद्धांत मार्गदर्शिका
अवधि: 20 से 25 मिनट
1. परावर्ती सर्वनामों का अर्थ: जब वाक्य का विषय और कर्म एक ही व्यक्ति या वस्तु को दर्शाते हों, तो हम परावर्ती सर्वनामों का उपयोग करते हैं। ये एकवचन में '-self' और बहुवचन में '-selves' से समाप्त होते हैं।
2. परावर्ती सर्वनामों की सूची:
3. एकवचन: myself, yourself, himself, herself, itself.
4. बहुवचन: ourselves, yourselves, themselves.
5. परावर्ती सर्वनामों का प्रयोग:
6. परावर्ती क्रिया: जब क्रिया का प्रभाव उसी विषय पर पड़ता है। उदाहरण: 'उसने खुद को पियानो बजाना सिखाया।'
7. जोर देना: जब यह दिखाना हो कि कार्य किसी और से नहीं, बल्कि स्वयं किया गया है। उदाहरण: 'मैंने अपना होमवर्क खुद किया।'
8. स्पष्टता: यह बताने के लिए कि क्रिया किसने की। उदाहरण: 'उसने आईने में खुद को देखा।'
9. पाठ में परावर्ती सर्वनाम:
10. कहानियों और वर्णनों में परावर्ती सर्वनाम का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया जाता है कि कार्य उसी विषय द्वारा किया गया है। उदाहरण: 'बैठक के दौरान, वह बार-बार अपने फोन की जांच कर रही थी।'
11. सादृश्य और उदाहरण:
12. परावर्ती सर्वनाम ऐसे हैं जैसे कि एक दर्पण जो क्रिया को वापस विषय की ओर प्रतिबिंबित करता है। उदाहरण: 'उसने परीक्षा की तैयारी खुद की', जो यह दर्शाता है कि तैयारी स्वयं की गई।
सामाजिक-भावनात्मक प्रतिक्रिया के साथ गतिविधि
अवधि: 30 से 35 मिनट
परावर्ती सर्वनाम पर चिंतन
इस गतिविधि के दौरान, छात्र जोड़ों में मिलकर परावर्ती सर्वनामों का उपयोग करके वाक्य बनाएंगे और उन पर विचार करेंगे कि उन्होंने अपने द्वारा किए गए कार्यों को करते वक्त कैसा महसूस किया। बाद में, वे अपने अनुभवों को कक्षा में साझा करेंगे और उन भावनाओं पर चर्चा करेंगे।
1. छात्रों को जोड़ों में बाँटें।
2. प्रत्येक जोड़ा विभिन्न संदर्भों (जैसे, परावर्ती क्रिया, जोर देना, स्पष्टता) में परावर्ती सर्वनामों का उपयोग करके पाँच वाक्य तैयार करे।
3. छात्रों को यह सोचने के लिए प्रेरित करें कि वे अपने रोजमर्रा के जीवन में किन कामों को खुद ही अंजाम देते हैं और उन अनुभवों के दौरान वे कैसा महसूस करते हैं।
4. प्रत्येक जोड़ा अपने वाक्यों को कक्षा में साझा करे, साथ ही काम के संदर्भ और उनसे जुड़ी भावनाओं की व्याख्या करे।
5. वाक्यों को बोर्ड पर लिखें ताकि सभी एक-दूसरे के विचारों और अनुभवों पर चर्चा कर सकें।
चर्चा और समूह प्रतिक्रिया
समूह चर्चा के दौरान RULER विधि अपनाने के लिए, छात्रों से पूछें कि उनके वाक्यों में वर्णित कार्य करते समय उन्होंने कौन-कौन सी भावनाएँ महसूस कीं। उन्हें यह समझाने का प्रयास करें कि ये भावनाएँ स्वाभाविक हैं और सीखने व व्यक्तिगत विकास की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उनसे पूछें कि वे अपनी भावनाओं का नाम क्या रखेंगे (जैसे, गर्व, निराशा, खुशी) और उन्हें स्वस्थ तरीके से कैसे व्यक्त कर सकते हैं। साथ ही, भविष्य में इन भावनाओं को नियंत्रित करने के उपायों पर भी चर्चा करें, जैसे कि किसी कठिन कार्य की निराशा से निपटना या चुनौतीपूर्ण कार्य पूरा करने पर उत्साह महसूस करना। छात्रों को व्यक्तिगत रणनीतियाँ साझा करने और एक-दूसरे से सीखने के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे एक सहायक और संवेदनशील वातावरण का निर्माण हो सके।
निष्कर्ष
अवधि: 15 से 20 मिनट
प्रतिबिंब और भावनात्मक विनियमन
छात्रों से आग्रह करें कि वे पाठ के दौरान आए चुनौतियों का एक संक्षिप्त विवरण लिखें, जैसे कि परावर्ती सर्वनामों का सही उपयोग करने में हुई कठिनाइयाँ या सिद्धांत समझने में आई परेशानियाँ। उनसे यह वर्णन करने के लिए कहें कि इन चुनौतियों का सामना करते समय वे कैसा महसूस कर रहे थे और किस प्रकार अपनी भावनाओं को संभाला। वैकल्पिक रूप से, एक समूह चर्चा आयोजित करें जिसमें प्रत्येक छात्र अपने अनुभव और भावनाएँ साझा कर सके, ताकि पाठ के दौरान हुई भावनात्मक चुनौतियों के बारे में खुलकर बातचीत की जा सके।
उद्देश्य: इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों को उनके भावनात्मक अनुभवों का ईमानदारी से मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करना है। यह उन्हें भावनाओं की पहचान, समझ और प्रबंधन करने की क्षमता विकसित करने में मदद करेगा, जिससे वे चुनौतिपूर्ण स्थितियों का बेहतर सामना कर सकें।
भविष्य की झलक
पाठ समाप्त करने से पहले, छात्रों से कहा जाए कि वे इस पाठ से जुड़े व्यक्तिगत और शैक्षणिक लक्ष्य तय करें। उन्हें सोचने के लिए प्रेरित करें कि वे किस प्रकार अपने लेखन में परावर्ती सर्वनामों का सही उपयोग करेंगे या कैसे पढ़ाई के दौरान इनका सही पहचान करेंगे। उन्हें अपने निर्धारित लक्ष्यों को लिखने और उन पर काम करने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में इसमें योगदान मिल सके।
Penetapan उद्देश्य:
1. लेखन में परावर्ती सर्वनामों का सही उपयोग करें।
2. पढ़ाई के पाठों में परावर्ती सर्वनामों की पहचान करें।
3. परावर्ती सर्वनामों का उपयोग करके अपने कार्यों पर विचार करें।
4. शैक्षणिक चुनौतियों का सामना करते समय भावनात्मक जागरूकता बढ़ाएं।
5. आत्म-प्रबंधन एवं भावनात्मक नियंत्रण कौशल को मजबूत करें। उद्देश्य: इस उपखंड का उद्देश्य छात्रों में स्व-विकास की भावना को बढ़ाना और परावर्ती सर्वनामों के व्यावहारिक उपयोग को प्रोत्साहित करना है। व्यक्तिगत और शैक्षणिक लक्ष्यों को निर्धारित करके, छात्र अपनी प्रगति के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं, जिससे वे न केवल भाषा में कुशल होते हैं बल्कि अपनी भावनाओं का भी बेहतर प्रबंधन कर पाते हैं। यह समग्र विकास की दिशा में एक स्थिर कदम है जो उन्हें आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है।